Month: April 2017

बारह भावना (श्री भूधरदासजी कृत) आश्रव का निरोध और संवर के उपाय


जैनधर्म, भावना पर आधारित है| जीवन की प्रत्येक क्रिया में भावना मूल है| यदि किसी मनुष्य की भावना राग – द्वेष से युक्त है तो उसकी क्रिया में पापबंध होता है और जब उसकी भावनाएँ विशुध्द हैं तो उसकी क्रिया में पुण्यबंध होता है|…