Category: Hindi

अपने शरीर का शुद्धिकरण करें Water Meditation के साथ…..

Water Meditation के साथ करें अपने शरीर का शुद्धिकरण

एक कोना साधना के लिए भी बनाएं …

अच्छा शांत स्थान जहां हमें साधना की गहराइयों तक ले जा सकता है, वहीं बहुत सारी बाधाओं से भरा हुआ, कदम कदम पर समस्याएं पैदा करने वाला स्थान हमें साधना से भटका भी सकता है।

संवेदनाओं को बनाएं अपनी ताकत

संवेदनशीलता प्रकृति का दिया हुआ एक खूबसूरत उपहार है इस उपहार की रक्षा करें इसे सहेज कर रखें और इसको विकसित करें।

प्यार हुआ चुपके से……

खुद से प्यार होते ही जिंदगी के कुछ तौर-तरीके बदल गए। क्योंकि अब मेरी मंज़िल बदल चुकी थी इसलिए मेरा रास्ता भी बदल गया। ऐसा नहीं है कि इस रास्ते पर सिर्फ फूल ही फूल थे, लेकिन चूंकि यह मेरा बनाया हुआ रास्ता था इसलिए इस रास्ते पर आने वाले कांटे भी फूलों से कम नहीं लगते थे।

एक गलती हो गई मुझसे….

एक गलती हो गई मुझसे तुम्हारे प्रति। मैं याद करता हूं उन पलों को जिन पलों में … मैंने खुद को दोषी ठहराया है याद करता हूं मैं उन पलों को जिन पलों में ………. मैंने खुद को रोता हुआ पाया है मैंने महसूस… Continue Reading “एक गलती हो गई मुझसे….”

5 शक्तिशाली मंत्र जो बदल सकते हैं हमारी दुनिया

हमारे शब्द हमारे लिए शाप भी बन सकते हैं और वरदान भी बन सकते हैं क्योंकि हमारे शब्द एक सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं।

हमारे प्राचीन ऋषि मुनियों ने शब्दों की ऐसी ताकत को समझा और मंत्र शास्त्र का निर्माण किया। समय के साथ मंत्र हमारे जीवन का एक रहस्यपूर्ण हिस्सा बनते चले गए।

LOVE YOU ZINDAGI…LOVE ME ZINDAGI..!

ज़िन्दगी परिवर्तन के दौर से गुजरती है, कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे हमारा अपनी ही ज़िन्दगी पर complete control नहीं है। ऐसे समय में लगता है That the complete universe is working against you.
मगर ऐसा होता नहीं है….
Dear Zindagi ने कुछ ऐसा ही सिखाया

खुद के साथ Dating पर गए हो कभी?

किसी खाली दिन में अकेले ही किसी अनजान रास्ते पर अकेले ही निकल पड़ें। ऐसे रास्ते का चुनाव करें जिसमें कोई परिचित व्यक्ति के मिलने की संभावना न हो। अच्छा हो कि शहर से दूर कोई प्राकृतिक स्थल हो या कोई छोटा सा गाँव। शांत भाव से चलते रहें, बिना किसी हड़बड़ी के, आसपास के दृश्यों का मजा लेते हुए। कहीं पहुंचना नहीं है बस खुद तक ही जाना है।

मैं PERFECT नहीं हूँ : पीयूष नाहटा

मैं संघ विरोधी नहीं हूँ, न ही आगम विरोधी हूँ। बस अंध-भक्त मैं किसी का नहीं हूँ, अपना खुद का भी नहीं। यदि मुझे लगता है कि मैं किसी प्रकार के गलत सिद्धांत को पकडे हुए हूँ, तो उसे छोड़ने में हिचकिचाऊँगा नहीं। क्योंकि मैंनें अभी सत्य पाया नहीं है…..

जैन धर्म में सरस्वती उपासना

“अनादिनिधन, तीर्थंकरों द्वारा प्रकाशित, गणधरों द्वारा मान्य, द्वादशांग-चतुर्दश पूर्व को धारण करने वाली सरस्वती जो की सत्यवादिनी है वह मुझमें उतरे” इस भाव के साथ इस मन्त्र का जप किया जाये तो सहज ही एक सुखद अहसास होता है।

स्नान के लिए करें आगम सूत्रों का प्रयोग…

स्नान करने के पश्चात हम शारीरिक रूप से खुद को तरोताजा महसूस करते हैं। आलस्य का प्रभाव भी कुछ हद तक कम हो जाता है। वहीँ जैन परंपरा में ज्ञान के अतिचारों में वर्णित अस्वाध्याय के कारणों— यथा मल-मूत्र, वीर्य रक्त आदि अशुभ तत्वों की विशुद्धि भी हो जाती है, जिनके रहने पर स्वाध्याय नहीं किया जा सकता।

गुणस्थान मीमांसा : मुनि राजकरण (भाग 5)

चौदह गुणस्थान में नवमें तक सात कर्मों का (आयुष्य छोड़ कर) निरन्तर बन्धन होता है। दसवें में (आयुष्य, मोह बिना) छह कर्मों का निरन्तर बन्धन होता है। ग्यारहवें, बारहवें और तेरहवें में एक सात वेदनीय कर्म का बन्धन होता है। तीसरे गुणस्थान को छोड़कर सातवें तक आयुष्य का बन्धन होता है।
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