Category: wisdom

फरीदाबाद में भक्तामर कार्यशाला का सफल आयोजन।

*फरीदाबाद में आयोजित भक्तामर कार्यशाला के अन्तर्गत दिए गए वक्तव्य अब यूट्यूब पर उपलब्ध।*
भक्तामर जैन परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसके आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पक्षों सहित इसकी चिकित्सा संबंधी उपयोगिताओं पर अगणित शोध कार्य हो चुके हैं।

महंगे सूट में भी बन्दर तो बन्दर ही रहता है

100 कदम की दौड़ में तो चीता भी 90 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से भाग सकता है मगर जब लम्बी दूरी तय करने की बात हो तो एक मनुष्य प्रायः सभी प्राणियों को पीछे छोड़ सकता है, ऐसा एक शोधकर्ता का दावा है।

सिद्ध हों अवतरित मुझमें

महावीर जयंती पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित एक कविता सादर समर्पित

माफ़ी मत मांगें, धन्यवाद दें।

“क्या यार मैं हमेशा ही late हो जाता हूँ,” की बजाय “मेरा हमेशा इंतजार करने के लिए मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हूँ,” ज्यादा बेहतर वाक्य है। “मैं भी कितना भावुक हूँ, है ना!” की बजाय “मुझे, जैसा मैं हूँ, वैसा स्वीकार करने के लिए तुम्हारा…

आज लिखें खुद को एक love letter…..

आज एक नया प्रयोग करें!
खुद को एक प्रेम-पत्र लिखें।

OMNISCIENCE IN JAINISM

The pursuit of keval-jnan through these rigorous practices cannot be a barren procedure. It’s purpose is to know the truth because the knowledge of the ultimate truth is conducive to the achievement of perfection.

क्या देव होते हैं? एक चिंतन, भाग-2

जब तक व्यक्ति आध्यात्मिक समझ के प्राथमिक पायदान पर है, तब तक देव सहयोग पर विश्वास उसके लिए खुद पर विश्वास करने से बेहतर माध्यम हो सकता है क्योंकि यह सरल प्रतीत होता है। खुद में छिपी अनंत शक्तियों पर भरोसा करना उस परिस्थिति में संभव नहीं होता। ऐसे में देव-श्रद्धा, देव-पूजा का आलंबन लिया जा सकता है।

क्या देव होते हैं : एक चिंतन, भाग-1

क्या सच में देव अस्तित्व रखते हैं?
क्या वैज्ञानिक आधारों पर उनके अस्तित्व को सिद्ध किया जा सकता है?
क्या वे हमारी सहायता करते हैं?
क्या हमें उनकी पूजा करनी चाहिए?
उनकी पूजा का सम्यक विधान क्या है?
इत्यादि प्रश्नों के समाधान के लिए पढ़ें…

मनोहर पर्रिकर को मरने से रोकना होगा……

manohar parrikar

तूफान का प्रवाह आता है, तो उसके साथ बह जाने वाले असंख्य देखे हैं, पर धारा के विपरीत चलने का दुस्साहस कोई-कोई ही करता है। अधिकारों की प्राप्ति होने के बाद संयम होना अत्यंत मुश्किल होता है, इस बात तो श्री पर्रिकर ने गलत साबित किया है।

इस Weekend कुछ खास हो जाये

हमेशा यह सोचते हैं कि Weekend एन्जॉय करेंगें। परिवार को टाइम देंगें। खुद को टाइम देंगें। मगर सिर्फ कल्पना में ही उलझकर कर जाती है सारी योजनायें। चाही-अनचाही व्यस्तताएं हों या कुछ और पा लेने की धुन, जिंदगी को बेहतर बनाने के चक्कर में जिंदगी हम जी ही नहीं पाते।

जब जिंदगी का सूरज ना उगे तो खुद सूरज बन जाएं….

जिंदगी हमें बहुत सारे अवसर देती हैं खुश होने के लिए.. जरूरत है कि हम अपनी आंखें खुली रखें और उन पलों की खुशी मनाएं..

अपने शरीर का शुद्धिकरण करें Water Meditation के साथ…..

Water Meditation के साथ करें अपने शरीर का शुद्धिकरण