Category: wisdom

evo4soul क्या है……?

evo4soul का फुल फॉर्म है ‘evolution process for soul’ अर्थात आत्मा के क्रमिक विकास की प्रक्रिया।

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प्यार हुआ चुपके से……

खुद से प्यार होते ही जिंदगी के कुछ तौर-तरीके बदल गए। क्योंकि अब मेरी मंज़िल बदल चुकी थी इसलिए मेरा रास्ता भी बदल गया। ऐसा नहीं है कि इस रास्ते पर सिर्फ फूल ही फूल थे, लेकिन चूंकि यह मेरा बनाया हुआ रास्ता था इसलिए इस रास्ते पर आने वाले कांटे भी फूलों से कम नहीं लगते थे।

एक गलती हो गई मुझसे….

एक गलती हो गई मुझसे तुम्हारे प्रति। मैं याद करता हूं उन पलों को जिन पलों में … मैंने खुद को दोषी ठहराया है याद करता हूं मैं उन पलों को जिन पलों में ………. मैंने खुद को रोता हुआ पाया है मैंने महसूस…

5 शक्तिशाली मंत्र जो बदल सकते हैं हमारी दुनिया

हमारे शब्द हमारे लिए शाप भी बन सकते हैं और वरदान भी बन सकते हैं क्योंकि हमारे शब्द एक सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं।

हमारे प्राचीन ऋषि मुनियों ने शब्दों की ऐसी ताकत को समझा और मंत्र शास्त्र का निर्माण किया। समय के साथ मंत्र हमारे जीवन का एक रहस्यपूर्ण हिस्सा बनते चले गए।

धर्म परिवर्तन : एक ज्वलंत समस्या

हमारे पास एक महान जीवन दर्शन है और भारतीय संस्कृति अपने आप में एक गौरवशाली इतिहास के साथ समृद्ध है। अगर हम इसे विदेशी या पाश्चात्य आक्रांताओं से बचाना चाहते हैं, तो इसके लिए विरोध एकमात्र उपाय नहीं है, इसके बजाय हमें कुछ सृजनात्मक करना होगा। कुछ एक संगठन इस दृष्टि से प्रयत्न भी कर रहे हैं परंतु जब तक हमारे भारी भरकम देवालय उन प्रयत्नों की सुध नहीं लेंगे तब तक मुझे नहीं लगता कि हम उनके सामने टिक पाएंगे।

Jain Muni beats diabetes by fasting

Jain Muni professor Mahendra Kumar ji, at the age of 82, underwent intermittent fasting, initially starting from 4 hours fasting and reaching to 42 hours fasting under the deep observation of Dr. Roshani Sanghani, has clinically proved that this kind of fasting not only…

LOVE YOU ZINDAGI…LOVE ME ZINDAGI..!

ज़िन्दगी परिवर्तन के दौर से गुजरती है, कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे हमारा अपनी ही ज़िन्दगी पर complete control नहीं है। ऐसे समय में लगता है That the complete universe is working against you.
मगर ऐसा होता नहीं है….
Dear Zindagi ने कुछ ऐसा ही सिखाया

खुद के साथ Dating पर गए हो कभी?

किसी खाली दिन में अकेले ही किसी अनजान रास्ते पर अकेले ही निकल पड़ें। ऐसे रास्ते का चुनाव करें जिसमें कोई परिचित व्यक्ति के मिलने की संभावना न हो। अच्छा हो कि शहर से दूर कोई प्राकृतिक स्थल हो या कोई छोटा सा गाँव। शांत भाव से चलते रहें, बिना किसी हड़बड़ी के, आसपास के दृश्यों का मजा लेते हुए। कहीं पहुंचना नहीं है बस खुद तक ही जाना है।

मैं PERFECT नहीं हूँ : पीयूष नाहटा

मैं संघ विरोधी नहीं हूँ, न ही आगम विरोधी हूँ। बस अंध-भक्त मैं किसी का नहीं हूँ, अपना खुद का भी नहीं। यदि मुझे लगता है कि मैं किसी प्रकार के गलत सिद्धांत को पकडे हुए हूँ, तो उसे छोड़ने में हिचकिचाऊँगा नहीं। क्योंकि मैंनें अभी सत्य पाया नहीं है…..

जैन धर्म में सरस्वती उपासना

“अनादिनिधन, तीर्थंकरों द्वारा प्रकाशित, गणधरों द्वारा मान्य, द्वादशांग-चतुर्दश पूर्व को धारण करने वाली सरस्वती जो की सत्यवादिनी है वह मुझमें उतरे” इस भाव के साथ इस मन्त्र का जप किया जाये तो सहज ही एक सुखद अहसास होता है।

आधुनिक युग का पूणिया श्रावक : रामसेवक पाल

व्यावसायिक दृष्टि से घर घर घूमकर गुलाब-जामुन बेचने वाले रामसेवक बिना सामायिक किये मुँह में पानी भी नहीं लेते।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये प्रतिमाह दो उपवास भी करते हैं, साथ ही साथ इनकी स्वाध्याय में अच्छी रूचि है। अपने व्यावसायिक कार्य से समय निकाल कर अब तक अनेक पुस्तकें पढ़ चुके हैं। 

स्नान के लिए करें आगम सूत्रों का प्रयोग…

स्नान करने के पश्चात हम शारीरिक रूप से खुद को तरोताजा महसूस करते हैं। आलस्य का प्रभाव भी कुछ हद तक कम हो जाता है। वहीँ जैन परंपरा में ज्ञान के अतिचारों में वर्णित अस्वाध्याय के कारणों— यथा मल-मूत्र, वीर्य रक्त आदि अशुभ तत्वों की विशुद्धि भी हो जाती है, जिनके रहने पर स्वाध्याय नहीं किया जा सकता।