Tag: #evo4soul

ऐसा मैं कहता हूं

एक सामान्य व्यक्ति अपनी प्रत्येक जानकारी लिए दूसरे पर आश्रित रहता है । प्रत्येक कथन का कोई न कोई संदर्भ अवश्य होता है । कहा जाता है ‘मैंने सुना है कि’ , ‘सूत्रों के अनुसार’ , ‘ अमुक पुस्तक में पढ़ा’ , ‘पुराने लोग… Continue Reading “ऐसा मैं कहता हूं”

108 Surya Namaskar challenge held at Evo4soul Meditation Resort

108 sun salutation on International Yoga Day

COVID-19 Protocols for Evo4soul Meditation Resort

Evo4soul Meditation Resort is announcing the guidelines to follow during this time of Corona pandemic. All students or clients, who are willing to participate classes should go through these instructions once in a while.

Evo4soul Meditation Resort का गरिमामय उद्घाटन समारोह।

Evo4soul Meditation Resort के उद्घाटन का गरिमामय समारोह आज प्रातः काल गंगाशहर में संपादित हुआ। पवित्र जैन मंत्रों एवं स्रोतों की धुन के बीच आयोजित हुए इस समारोह में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने गंगा शहर में ध्यान केंद्र… Continue Reading “Evo4soul Meditation Resort का गरिमामय उद्घाटन समारोह।”

खड़की, पुणे में भक्तामर एवं चक्रा हीलिंग वर्कशॉप का सफल आयोजन

कोरोना के भयावह काल में अध्यात्मिक सकारात्मकता का एक नया प्रयोग….

फरीदाबाद में भक्तामर कार्यशाला का सफल आयोजन।

*फरीदाबाद में आयोजित भक्तामर कार्यशाला के अन्तर्गत दिए गए वक्तव्य अब यूट्यूब पर उपलब्ध।*
भक्तामर जैन परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसके आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पक्षों सहित इसकी चिकित्सा संबंधी उपयोगिताओं पर अगणित शोध कार्य हो चुके हैं।

सिद्ध हों अवतरित मुझमें

महावीर जयंती पर ढेर सारी शुभकामनाओं सहित एक कविता सादर समर्पित

माफ़ी मत मांगें, धन्यवाद दें।

“क्या यार मैं हमेशा ही late हो जाता हूँ,” की बजाय “मेरा हमेशा इंतजार करने के लिए मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हूँ,” ज्यादा बेहतर वाक्य है। “मैं भी कितना भावुक हूँ, है ना!” की बजाय “मुझे, जैसा मैं हूँ, वैसा स्वीकार करने के लिए तुम्हारा… Continue Reading “माफ़ी मत मांगें, धन्यवाद दें।”

आज लिखें खुद को एक love letter…..

आज एक नया प्रयोग करें!
खुद को एक प्रेम-पत्र लिखें।

OMNISCIENCE IN JAINISM

The pursuit of keval-jnan through these rigorous practices cannot be a barren procedure. It’s purpose is to know the truth because the knowledge of the ultimate truth is conducive to the achievement of perfection.

क्या देव होते हैं? एक चिंतन, भाग-2

जब तक व्यक्ति आध्यात्मिक समझ के प्राथमिक पायदान पर है, तब तक देव सहयोग पर विश्वास उसके लिए खुद पर विश्वास करने से बेहतर माध्यम हो सकता है क्योंकि यह सरल प्रतीत होता है। खुद में छिपी अनंत शक्तियों पर भरोसा करना उस परिस्थिति में संभव नहीं होता। ऐसे में देव-श्रद्धा, देव-पूजा का आलंबन लिया जा सकता है।

क्या देव होते हैं : एक चिंतन, भाग-1

क्या सच में देव अस्तित्व रखते हैं?
क्या वैज्ञानिक आधारों पर उनके अस्तित्व को सिद्ध किया जा सकता है?
क्या वे हमारी सहायता करते हैं?
क्या हमें उनकी पूजा करनी चाहिए?
उनकी पूजा का सम्यक विधान क्या है?
इत्यादि प्रश्नों के समाधान के लिए पढ़ें…

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